मराठी कविता संग्रह

राजा शिवछत्रपती मालिकेचे शीर्षकगीत

21:25 सुजित बालवडकर 0 Comments Category : ,

इंद्र जिमि जंभ पर
बाडव सुअंभ पर ।
रावण सदंभ पर
रघुकुल राज है ॥

पवन बारिबाह पर
संभु रतिनाह पर ।
ज्यों सहसबाह पर
राम द्विजराज है ॥

ह्र्दयात माऊली
रयतेस सावली ।
गडकोट राऊळी
शिवशंकर हा ॥

मुक्तीची मंत्रणा
युक्तीची यंत्रणा ।
खल दुष्ट दुर्जना
प्रलयंकर हा ॥

सुष्टांसी रक्षितो
शत्रू विखंडतो ।
भावंड भावना
संस्थापितो ॥

ऐसा युगे युगे
स्वर्णीय सर्वदा ।
माता पिता सखा
शिवभूप तो ॥

दावा द्रुमदंड पर
चीता मृगझुंड पर ।
भूषण वितुंड पर
जैसे मृगराज है ॥

तेज तम अंस पर
कन्ह जिमि कंस पर ।
त्यों म्लेंछ बंस पर
सेर सिवराज है ॥



॥ जय भवानी, जय भवानी ॥

॥ जय शिवाजी, जय शिवाजी ॥

॥ जय भवानी, जय शिवाजी ॥



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